कृष्ण कुमार:- मेरी किश्मत की लकीरों पर.
कृष्ण कुमार
मेरी किश्मत की लकीरों पे,
खुदा कुछ लिखना भूल गए,
ऐसा लोगों का कहना है,
हम भी काम के हैं,
वक्त के इशारों को कभी समझ ही न सका,
अगर समझा होता मेरी बात बन जाती....कृष्ण कुमार
I MISS U BHAGALPUR MAHOTSAV...2016
मित्रों मै आज से नहीं बच्चपन स मेरी एक आदत रही है वो यह की मुझे संगीत बहुत पसंद है, समय समय पर जहाँ भी मौका मिला उसका भरपूर आनंद भी लिया..लोग क्या कहते हैं मेरे बारे में इसकी परवाह कभी भी मैंने नही की, और अपने जन्म भूमि से बिहार की राजधानी तक मै अपने इस देवीय कला का प्रदर्शन 2011 तक करते रहा, इसके बाद समय बदलता गया और धीरे धीरे इसे भूलने लगा, लेकिन यह देवीय है इसको मै चाह कर भूल नहीं सकता, यह तब महशूस करता हूँ जब कोई गाना कहीं बजते रहता है और उस गाने को मै पूरा याद कर मन ही मन गुनगुनाते रहता हूँ, कुछ दिनों तक संगीत सीखने का भी काम किया, उसके बाद जब पटना छोड़ दिया उसके बाद कहीं कोचिंग सेण्टर नही जा सका, इसका मलाल भी होता है , क्योंकि कहीं सीखता तो वहां स ट्रैक मुझे चलने के लिए भी मिलता, मगर ऐसा हो नहीं सका, 2015 के अंत से फिर दिल में आरमान जाग गया की इसके रस को फिर चखें, और मौका तलास कर चख भी लेता...मगर अफ़सोस इतना है की समय रहते कुछ हासिल करता नही हूँ, और बाद में मलाल करता ...
इस बार सोंचा था भागलपुर महोत्सव में पार्टिसिपेट करने मगर मेरी किश्मत ने मेरा साथ नहीं दिया और इतनी जोर की शर्दी हुई, जो अब तक छुट नहीं सका, खांसी का तो जवाब नहीं वो लाजवाब है....
आज भागलपुर के सैंडिस कम्पौंड में गया हुआ था शाम के समय, जहाँ भागलपुर महोत्सव का आयोजन हो रहा है 7 तारीख से ......
सभी अपनी सहभागिता दर्ज किये हुए थे, मगर मै उसमे शामिल नहीं था....
खैर :-
बख्स देता है खुदा भी उनको
जिसकी किश्मत खराब होती है....
वो कभी नहीं बख्से जाते ,
जिनकी नीयत खराब होती है...
अगर मै गलत हूँ तब मेरी किश्मत भी मेरे साथ अपना व्यवहार गलत ही करेगा, लेकिन मेरा ईमान साफ है, मेरी नियत साफ़ है तब खुदा मेरे साथ होगा, इसी जिज्ञासा को दिल में बसा के उस वक्त का इन्तजार कर रहा हूँ जिस वक्त में मेरा कल्याण होगा, और नए रास्ते मिलेगे,
बस यही प्रार्थना है भगवान् से मुझे वो शाक्ति दें जिससे इस संसार में इन्शान बन कर जी सकूँ......
प्रणाम...
कृष्ण कुमार...
खुदा कुछ लिखना भूल गए,
ऐसा लोगों का कहना है,
हम भी काम के हैं,
वक्त के इशारों को कभी समझ ही न सका,
अगर समझा होता मेरी बात बन जाती....कृष्ण कुमार
I MISS U BHAGALPUR MAHOTSAV...2016
मित्रों मै आज से नहीं बच्चपन स मेरी एक आदत रही है वो यह की मुझे संगीत बहुत पसंद है, समय समय पर जहाँ भी मौका मिला उसका भरपूर आनंद भी लिया..लोग क्या कहते हैं मेरे बारे में इसकी परवाह कभी भी मैंने नही की, और अपने जन्म भूमि से बिहार की राजधानी तक मै अपने इस देवीय कला का प्रदर्शन 2011 तक करते रहा, इसके बाद समय बदलता गया और धीरे धीरे इसे भूलने लगा, लेकिन यह देवीय है इसको मै चाह कर भूल नहीं सकता, यह तब महशूस करता हूँ जब कोई गाना कहीं बजते रहता है और उस गाने को मै पूरा याद कर मन ही मन गुनगुनाते रहता हूँ, कुछ दिनों तक संगीत सीखने का भी काम किया, उसके बाद जब पटना छोड़ दिया उसके बाद कहीं कोचिंग सेण्टर नही जा सका, इसका मलाल भी होता है , क्योंकि कहीं सीखता तो वहां स ट्रैक मुझे चलने के लिए भी मिलता, मगर ऐसा हो नहीं सका, 2015 के अंत से फिर दिल में आरमान जाग गया की इसके रस को फिर चखें, और मौका तलास कर चख भी लेता...मगर अफ़सोस इतना है की समय रहते कुछ हासिल करता नही हूँ, और बाद में मलाल करता ...
इस बार सोंचा था भागलपुर महोत्सव में पार्टिसिपेट करने मगर मेरी किश्मत ने मेरा साथ नहीं दिया और इतनी जोर की शर्दी हुई, जो अब तक छुट नहीं सका, खांसी का तो जवाब नहीं वो लाजवाब है....
आज भागलपुर के सैंडिस कम्पौंड में गया हुआ था शाम के समय, जहाँ भागलपुर महोत्सव का आयोजन हो रहा है 7 तारीख से ......
सभी अपनी सहभागिता दर्ज किये हुए थे, मगर मै उसमे शामिल नहीं था....
खैर :-
बख्स देता है खुदा भी उनको
जिसकी किश्मत खराब होती है....
वो कभी नहीं बख्से जाते ,
जिनकी नीयत खराब होती है...
अगर मै गलत हूँ तब मेरी किश्मत भी मेरे साथ अपना व्यवहार गलत ही करेगा, लेकिन मेरा ईमान साफ है, मेरी नियत साफ़ है तब खुदा मेरे साथ होगा, इसी जिज्ञासा को दिल में बसा के उस वक्त का इन्तजार कर रहा हूँ जिस वक्त में मेरा कल्याण होगा, और नए रास्ते मिलेगे,
बस यही प्रार्थना है भगवान् से मुझे वो शाक्ति दें जिससे इस संसार में इन्शान बन कर जी सकूँ......
प्रणाम...
कृष्ण कुमार...
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